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कॉमनवेल्थ गेम्स : बिहार की बेटी श्रेयसी सिंह ने स्वर्ण पर साधा निशाना, गौरवान्वित हुआ देश

मनोज उपाध्याय : विश्व खेल के इतिहास में भारतवर्ष के लिए आज एक गौरवशाली दिन साबित हुआ है। ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के डबल ट्रैप शूटिंग इवेंट्स में बिहार की बेटी श्रेयसी सिंह ने स्वर्ण पदक पर निशाना साधा। इससे पहले वर्ष 2017 में आयोजित एशियन शॉटगन चैंपियनशिप में उन्होंने कीनन चेनाई के साथ मिलकर कांस्य पदक और इसी वर्ष ब्रिस्बेन में आयोजित कॉमनवेल्थ शूटिंग चैंपियनशिप में रजत पदक अपने नाम किया था। दिल्ली कॉमनवेल्थ शूटिंग चैंपियनशिप में ही वर्ष 2010 में भी उन्होंने रजत पदक हासिल किया था।

डबल ट्रैप शूटिंग श्रेयसी सिंह की पसंदीदा स्पर्धा रही है। इस स्पर्धा में दर्जनों राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पदक उनके नाम दर्ज हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं बांका के तत्कालीन सांसद स्वर्गीय दिग्विजय सिंह जिन्हें सम्मानवस लोग दादा कहकर संबोधित करते थे एवं बांका की पूर्व सांसद पुतुल कुमारी सिंह की पुत्री श्रेयसी सिंह मूल रूप से बिहार के जमुई जिला अंतर्गत गिद्धौर की रहने वाली हैं। माता पिता का राजनीतिक कार्यक्षेत्र बांका जिला रहने की वजह से श्रेयसी सिंह का बांका जिले से खास लगाव एवं यहां उनका आना जाना लगा रहा है।

ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स की डबल ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में श्रेयसी सिंह की उपलब्धि आशानुरूप रही है। इस बार उनके स्वर्ण पर निशाना साधने की ही उम्मीद देश के लोग लगाए बैठे थे और श्रेयसी सिंह ने देशवासियों की उम्मीद पूरी कर विश्वस्तरीय स्पर्धा में भारत वर्ष की ओर से एक नया इतिहास रचा है। उनकी इस विजय पर संपूर्ण बिहार एवं देश के साथ-साथ खासतौर से बांका एवं जमुई जिले में हर्ष और उत्सव का माहौल है। श्रेयसी की इस जीत पर उनकी मां पूर्व सांसद पुतुल कुमारी ने कहा कि आज श्रेयसी ने अपने पिता स्वर्गीय दिग्विजय सिंह उर्फ दादा का सपना पूरा किया है। उन्होंने देश का सम्मान विश्व खेल मंच पर बढ़ाया है। श्रेयसी के चाचा कुमार त्रिपुरारी सिंह ने इस जीत पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि निश्चित तौर पर आज उनका सपना पूरा हुआ है। उन्होंने श्रेयसी की इस विजय को पूरे राष्ट्र की विजय और सम्मान बताया।

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