देवघरधर्मबांका

श्रावणी मेला विशेष : यों ही दारुक वन (देवघर) में नहीं बस गए बाबा बैद्यनाथ

दारुक वन जो आज बैद्यनाथ धाम यानी देवघर का क्षेत्र बन चुका है, प्राकृतिक रूप से बेहद खूबसूरत और नैसर्गिक है. सावन में बाबाधाम की खूबसूरती की छटा और भी निखर जाती है. तभी तो देश-विदेश से सनातन शिवभक्त पवित्र गंगा जल लेकर बाबा का अभिषेक करने 108 किलोमीटर की यात्रा तय करते हुए यहां पहुंचते हैं..

बांका लाइव डेस्क : देवघर शहर कितना खूबसूरत है, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. खासकर, श्रावणी मेला के दौरान तो झारखण्ड की सांस्कृतिक राजधानी इस देव नगरी की खूबसूरती और बढ़ जाती है. बाबा मंदिर से लेकर पूरा काँवरिया पथ केसरियामय हो गया है.

देवघर के इस भव्यता को आसमानी कैमरे यानि ड्रोन कैमरे ने कैद किया है. श्रावणी मेला के मद्देनज़र जिला प्रशासन द्वारा ड्रोन कैमरे से शहर पर निगरानी रखी जा रही है. आसमान से जमीन तक की निगरानी कर रहे ड्रोन कैमरे से  बाबा मंदिर के 22 मंदिरों का एक साथ नजारा काफी आकर्षक और मंत्रमुग्ध करने वाला है. तस्वीरों में देखिए बाबाधाम के 24 प्रमुख मंदिरों के साथ साथ संपूर्ण देवनगरी बाबाधाम का विहंगम दृश्य.

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